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Friday, July 17, 2015

पीएम ने ‘राजनैतिक दामाद’ की टिप्पणी से रॉबर्ट वाड्रा पर साधा निशाना

जम्मू: पीएम नरेंद्र मोदी एक दिन के दौरे पर जम्मू पहुंचे। यहां उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के दिवंगत नेता गिरधारीलाल डोगरा की जन्मशती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भाग लिया।

यहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद की राजनीतिक संस्कृति पर आज चुटकी ली और भूमि सौदों के कारण विवाद में आए सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा नाम लिए बिना कहा कि आज हम जानते हैं कि दामादों के कारण क्या-क्या बातें होती हैं। उन्होंने छुआछूत की राजनीति को भी अस्वीकार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विरासतों को इस आधार पर बांटा नहीं जाना चाहिए।

जोरावर सिंह स्टेडियम में आयोजित कांग्रेस के दिग्गज दिवंगत नेता गिरधारी लाल डोगरा जन्मशती समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, दामाद, ससुर के कारण नहीं और ससुर दामाद के कारण नहीं जाने जाते। वरना इतने समय में कभी तो अरुण (वित्त मंत्री अरुण जेटली) जी का मन किया होगा.. लेकिन दोनों ने एक दूसरे को इससे अलग रखा। आज तो हम जानते हैं कि दामादों के कारण क्या-क्या बातें होती हैं। उल्लेखनीय है कि जेटली गिरधारी लाल के दामाद हैं।

सार्वजनिक जीवन में मर्यादा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने ने कहा कि हम किस दल के हैं, किस विचाराधारा के हैं, इससे सार्वजनिक जीवन नहीं चलता है, राजनीति में छुआछूत नहीं होता, बल्कि देश के लिए मरने जीने वालों का सम्मान होता है। हम जो बाद की पीढ़ी के लोग हैं, उनका दायित्व है कि हम अपनी विरासत को बंटने नहीं दें। इसमें भेदभाव, छुआछूत न करें, सभी महापुरुषों का सम्मान करें। उन्होंने कहा,  आज के राजनीतिक जीवन के लिए यह संदेश है। किसी भी नेता का जन्मशती मनाना ऐसा संदेश है, जो आज नजर नहीं आता है। गिरधारी लाल जी ने जीवन में पल-पल मर्यादाओं का पालन किया।

परिवारवाद पर चोट करते हुए मोदी ने कहा, मैंने राजनीति से जुड़ी उनकी (गिरधारी लाल) जितनी तस्वीर देखी है, उसमें उनके परिवार का एक भी व्यक्ति नजर नहीं आया। इतने लम्बे समय तक सार्वजनिक जीवन और सत्ता के गलियारे में रहने तथा देश के शुरुआती सभी प्रधानमंत्रियों से निकट संबंध होने के बाद भी एक भी तस्वीर में परिवार का कोई सदस्य नजर नहीं आया। सिर्फ अंत्येष्टि की तस्वीर में परिवार के सदस्य थे।

मोदी ने कहा कि गिरधारी लाल सार्वजनिक जीवन में देशभक्ति की प्रेरणा से आए थे, ‘तब आए थे, जब लेना, पाना, बनना कोई मायने नहीं रखता था। छुआछूत की राजनीति पर प्रहार जारी रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि डोगरा साहब को व्यक्तियों की परख बहुत थी। इसलिए उन्होंने गुलाम नबी आजाद (अभी राज्यसभा में विपक्ष के नेता) को तब कांग्रेस युवा मोर्चा का अध्यक्ष बना दिया था। इसका उदाहरण है, उन्होंने जो दामाद चुने..वरना अरुण जी (जेटली) के विचार और उनके विचार में कोई मेल नहीं था। उन्होंने कहा कि गिरधारी लाल जम्मू-कश्मीर के कद्दावर नेता थे, जिन्होंने वहां के वित्तमंत्री के रूप में 26 बार बजट पेश किया। ऐसा मौका उस व्यक्ति को ही मिलता है जिसका राजनीतिक जीवन सभी के समक्ष स्वीकृत और पारदर्शी हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आज दो या तीन पीढ़ियां ऐसी होंगी जो यह कहती हैं कि उन्हें गिरधारी लाल जी का अंगुली पकड़कर चलने का मौका मिला। उन्होंने कार्यकर्ताओं की ऐसी परंपरा तैयार की जो आगे चलकर स्वच्छ राजनीति के पथ पर आगे बढ़े।

समारोह में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह, गुलाम नबी आजाद आदि मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आमतौर पर बहुत कम राजनीतिक ऐसे होते हैं, जो मरने के बाद भी जीवित रहते हैं। कुछ ही समय में भुला दिए जाते हैं। लोग भी उन्हें भूल जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे अपवाद होते हैं, जो अपने कार्यकाल में जैसा काम करते हैं, जिस प्रकार का जीवन जीते हैं, उसके कारण मृत्यु के काफी समय बाद भी लोगों के जेहन में बने रहते हैं, गिरधारी लाल जी ऐसे ही नेता थे।

सूत्रों के हवाले से ख़बर है पीएम इस यात्रा के दौरान जम्मू कश्मीर के लिए 70 हज़ार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का ऐलान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान जम्मू में AIIMS की शाखा का भी उदघाटन कर सकते हैं।



भाषण के मुख्य अंश -

    यह गिरधारीलाल जी की जन्मशती है।
    आजकल राजनैतिक माहौल इस तरह का है कि मृत्यु हो जाने के बाद कुछ ही नेता हैं, जिन्हें याद किया जाता है।
     कुछ नेता ऐसे होते हैं, जो अपनी जीवनचर्या के कारण अमर हो जाते हैं - गिरधारीलाल जी उन्हीं नेताओं में से हैं, जिनकी यादें हमेशा रहेंगी।
    गिरधारीलाल जी की तस्वीरों में उनके परिवार का कोई भी सदस्य कभी दिखाई नहीं दिया।
    यह बहुत बड़ी बात है कि इतना लंबा राजनैतिक जीवन होने, सत्ता में रहने, और प्रधानमंत्रियों से घनिष्ठ संबंध होने के बावजूद उनकी किसी तस्वीर में कोई परिजन नहीं दिखता।
    उनके परिवार को सिर्फ एक तस्वीर में देखा जा सकता है, जो उनकी अंत्येष्टि की है।
     यह आज के राजनेताओं के लिए एक संदेश है।
     गिरधारीलाल जी को व्यक्ति की समझ और पहचान थी।
     उन्होंने गुलाम नबी आज़ाद को युवक कांग्रेस का नेता नियुक्त किया।
    एक उदाहरण है उनका दामाद, जो उन्होंने चुना (वित्तमंत्री अरुण जेटली गिरधारीलाल डोगरा के दामाद हैं)
     यहां हम देखते हैं, दामाद या ससुर ने प्रसिद्धि और पहचान के लिए एक-दूसरे का सहारा नहीं लिया।
    लेकिन हम जानते हैं, आजकल राजनीति में दामादों के बारे में कैसी-कैसी बातें सुनने को मिलती हैं।

सौजन्य: NDTV

Monday, June 1, 2015

अब हजार का नोट देसी कागज पर छपेगा

नई दिल्ली, अरुण जेटली ने नोट छपाई के लिए घरेलू कागज उत्पादन के नए संयंत्र का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा, 'यह ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की शुरूआत का प्रतीक है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि उच्च मूल्य वर्ग के नोट भी देश में निर्मित कागज पर ही छापे जाएं.'
जेटली ने कहा कि वर्तमान में उच्च मूल्य वर्ग के नोट आयातित कागज पर छापे जाते हैं. हालांकि, इसमें जिस स्याही का उपयोग होता वह देश में ही बनाई जाती है.
जेटली ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ की शुरूआत मध्य प्रदेश से हो रही है.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हाल की अनेक पहलों के बाद मध्य प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रह गया है. जेटली ने कहा कि यहां से कम मूल्य वाले मुद्रा नोट के लिए कागज का उत्पादन होता रहा है. होशंगाबाद और मैसूर में नए संयंत्रों के विकास से करेंसी मुद्रण के लिए पर्याप्त मात्रा में कागज का उत्पादन संभव है ताकि देश की जरूरत पूरी की जा सके.
मैसूर की मुद्रा नोट कागज इकाई की क्षमता 12,000 टन होगी और उम्मीद है कि साल के आखिर तक यह चालू हो जाएगी.

Sunday, May 31, 2015

अब हजार का नोट देसी कागज पर छपेगा

नई दिल्ली: अरुण जेटली ने नोट छपाई के लिए घरेलू कागज उत्पादन के नए संयंत्र का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा, 'यह ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की शुरूआत का प्रतीक है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि उच्च मूल्य वर्ग के नोट भी देश में निर्मित कागज पर ही छापे जाएं.'

जेटली ने कहा कि वर्तमान में उच्च मूल्य वर्ग के नोट आयातित कागज पर छापे जाते हैं. हालांकि, इसमें जिस स्याही का उपयोग होता वह देश में ही बनाई जाती है. जेटली ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ की शुरूआत मध्य प्रदेश से हो रही है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हाल की अनेक पहलों के बाद मध्य प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रह गया है. जेटली ने कहा कि यहां से कम मूल्य वाले मुद्रा नोट के लिए कागज का उत्पादन होता रहा है. होशंगाबाद और मैसूर में नए संयंत्रों के विकास से करेंसी मुद्रण के लिए पर्याप्त मात्रा में कागज का उत्पादन संभव है ताकि देश की जरूरत पूरी की जा सके. मैसूर की मुद्रा नोट कागज इकाई की क्षमता 12,000 टन होगी और उम्मीद है कि साल के आखिर तक यह चालू हो जाएगी.



Thursday, May 28, 2015

चिदंबरम ने उठाया सवाल, बहुमत होने के बावजूद सरकार क्यों नहीं खत्म कर रही है मैट


नयी दिल्ली : कांग्रेस पर संसद में अवरोध पैदा करने की नीति अपनाने के आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि सरकार लोकसभा में प्रभावशाली बहुमत होने के बावजूद पिछली तिथि से कर के प्रावधान और विदेशी संस्थागत निवेशकों, एफआईआई पर न्यूनतम वैकल्पिक कर, मैट खत्म नहीं कर रही है.

चिदंबरम ने भाषा के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि भाजपा ने संप्रग के कार्यकाल में जीएसटी जैसे विधेयकों को रोका था पर अब अपने रुख से पलट गयी है. उन्होंने मोदी सरकार के इस दावे को खारिज किया, उसने निराशा के बादल छांट दिए है. उन्होंने कहा कि वास्तव में निराशा का माहौल भाजपा का ही बनाया था.

मोदी सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि किसान और बेरोजगार इस सरकार को बहुत कम अंक देंगे. संप्रग द्वारा अर्थव्यवस्था को बदहाली में छोडने के आरोप को सख्ती से खारिज करते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि राजग को विरासत में ऐसी अर्थव्यवस्था मिली जो करीब सात प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज कर रही थी और मुद्रास्फीति घट रही थी, राजकोषीय घाटा कम हो रहा था और चालू खाते का घाटा नियंत्रण में था. साथ ही कहा कि कोई निराशाजनक माहौल नहीं था. अवरोधात्मक भूमिका निभाने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने इससे इंकार किया.

चिदंबरम ने इस संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली के एक बयान का जिक्र किया जो तब राज्य सभा में विपक्ष के नेता के रूप में दिया गया था और जिसमें उन्होंने कहा था कि अवरोध की नीति जायज संसदीय रणनीति है.

उन्होंने कहा, हम ऐसे नहीं हैं. जेटली ने लंदन में अपने संबोधन में कहा था कि अवरोध की नीति जायज संसदीय रणनीति है. हम बाधा उत्पन्न नहीं कर रहे हैं. उन्होंने बीमा संशोधन कानून को बाधित किया, हमने पारित कराया. उन्होंने जीएसटी को बाधित किया. हमने कहा कि हम इसे पारित करायेंगे लेकिन स्थायी समिति के अध्ययन करने के बाद हमने किस कानून में बाधा खडी की?

चिदंबरम ने कहा, उन्होंने कालाधन कानून पेश किया, हमें कुछ आपत्तियां थीं फिर भी हमने इसे पारित कराया क्योंकि अगर आप इसे पारित नहीं करायेंगे तब वे कहेंगे कि आप उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं, जिनके पास कालाधन है. हमने इसे पारित कराया हालांकि हमें आपत्तियां थीं. कांग्रेस नेतृत्व में विधायी साक्षरता की कमी होने संबंधी जेटली की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, अगर स्मृति ईरानी एचआरडी मंत्री हो सकती हैं, तब हम सभी निरक्षर हैं. उल्लेखलीय है कि कांग्रेस ने पूर्व में स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता का मुद्दा उठाते हुए एचआरडी मंत्री के रूप में उनकी उपयुक्तता पर सवाल खडा किया था.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक वर्ष तक अपेक्षाकृत रुप से शांत रहते हुए भाजपा सरकार के साथ काफी शिष्टता से पेश आई है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, लेकिन अब जबकि उन्होंने एक वर्ष पूरा कर लिया है, हमें विपक्ष की भूमिका निभानी होगी. हमने उन्हें वह वक्त दिया जिसे वे हनीमून की अवधि बता रहे थे. हमने उन्हें एक साल दिया. एक साल पूरा होने पर हम ऐसा व्यवहार नहीं करेंगे जैसा कि वह पहला दिन हो. यह एक साल है.

सोनिया और राहुल गांधी द्वारा हाल में सरकार के प्रति आक्रामक रुख अख्तियार करने के बारे में एक सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा, विपक्ष के लिए ऐसा करना सही बात है. कांग्रेस द्वारा काफी महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, अगर यह सरकार विकास, रोजगार, सामाजिक न्याय, सीमा सुरक्षा के विषयों से नहीं निपटती है, तब विपक्ष उन्हें उठायेगा. अगर सरकार काम नहीं करती है, तब हम उसका विरोध करना जारी रखेंगे.

मोदी सरकार पर राहुल गांधी के सूटबूट की सरकार के तंज के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, सूटबूट की सरकार एक राजनीतिक टिप्पणी है. उन्होने कहा, हमने मोदी से 10 लाख रुपये का सूट पहनने को नहीं कहा था लेकिन अगर वह ऐसा पहनते हैं. एक राजनीतिक टिप्पणी के रूप में राहुल ने इसे सूटबूट की सरकार कहा जिसका आशय कारपोरेट समर्थक सरकार से है.  चिदंबरम ने पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के संबंधों को आगे बढाने के तौर तरीकों के संबंध में सरकार पर निशाना साधा.

उन्होने कहा, इस संबंध में यह हैरानी वाली बात है. चुनाव के पहले वे क्या कहते थे ? सरकार बनने के तत्काल बाद उन्होंने क्या कहा और अब वे क्या कह रहे हैं ? आप इन तीनों को अलग अलग कतारों में रखें तब आपको विरोधाभास पता चल जायेगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, उन्होंने पाकिस्तान के एक प्रधानमंत्री का स्वागत किये जाने को बिरयानी कूटनीति करार देकर आलोचना की थी. वे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ बात करना चाहते हैं या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ बात नहीं करना चाहते हैं. इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है.


Sunday, May 24, 2015

मोदी और ममता तानाशाह है : जयराम रमेश

कोलकाता : कांग्रेस ने केंद्र और पश्चिम बंगाल के सत्तारुढ दलों पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एक ही सिक्के के दो पहलू हैं क्योंकि दोनों ही तानाशाह हैं तथा दोनों के बीच गुपचुप समझौता है. विपक्षी दल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण
जेटली पर भी निशाना साधा जो राजग सरकार की उपलब्धियों का बखान करने के उसके अभियान में अग्रणी हैं. कांग्रेस ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री भारतीय राजनीति में सबसे प्रभावी स्पिनर हैं.


कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा,' मोदी और ममता एक दूसरे के सबसे अधिक भरोसेमंद मित्र हैं और दोनों में एक ही तरह की विशेषताएं हैं.' उन्होंने केंद्र में भाजपा सरकार के एक साल पर रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा, ' मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों ही तानाशाह हैं.'      

रमेश ने कहा, ' जब मोदी सत्ता में आए थे तब उन्होंने अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार की बात कही थी लेकिन एक साल बाद हम पाते हैं कि यह अधिकतम अहंकार और एक व्यक्ति की सरकार है.' उन्होंने दावा किया, ' बंगाल की भी इसी का प्रतिबिंब दिखता है, यही वजह है कि वे (मोदी और ममता) दोनों साथ हैं.'

मोदी और बनर्जी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले एक दूसरे पर तीखे प्रहार किए थे और हालतक वे एक दूसरे से नजर से नजर नहीं मिलाते थे. लेकिन दोनों ने प्रधानमंत्री की हाल की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान मंच साझा किया और मोदी ने यात्रा के दौरान सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी प्रशंसा की। उन्होंने राजभवन में एक बैठक भी की.

जेटली पर तीखा प्रहार करते हुए रमेश ने कहा, 'वह भारतीय राजनीति में सबसे प्रभावी स्पिनर हैं. भारतीय क्रिके्रट ने जितने श्रेष्ठ स्पिनर दिए हैं, जेटली उन सभी की संयुक्त ताकत से भी बडे हैं.' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ' जब जेटली कहते हैं कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में कोई समझौता नहीं है तो मुझे पूरा विश्वास है कि उसका उलटा सच है.'      

उन्होंने आरोप लगाया कि सारदा चिटफंड घोटाले की सीबीआई जांच कर रही थी लेकिन पिछले दो तीन महीनों में इस जांच में कुछ नहीं हुआ. सरकार में मोदी के एक साल पूरा करने पर पांच अध्याय का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा,' मोदी का तात्पर्य लोकतांत्रिक भारत की हत्या है. प्रधानमंत्री ने संसद को पूरी तरह अवहेलना की है.' उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने नागरिक समाज और गैर सरकारी संगठनों के विरुद्ध कार्रवाई की और उसने सालभर के अंदर एक भी सर्वदलीय बैठक नहीं बुलायी.

उन्होंने कहा, ' उन्होंने (मोदी ने) आरटीआई के लिए कोई मुख्य सूचना आयुक्त नहीं किया और इस तरह व्यवस्थित सूचना का अधिकार कानून का गला घोंट रही है. पिछले सात महीने से कोई मुख्य सतर्कता अधिकारी नहीं है.' सौजन्यः प्रभात खबर




Thursday, April 30, 2015

'Extremely simplified' income tax form soon: Arun Jaitley tells Lok Sabha

An "extremely simplified" income tax return form will soon replace the controversial 14-page ITR that sought information like all bank accounts and foreign trip details, finance minister Arun Jaitley announced in the Lok Sabha on Thursday.

"I am having the entire matter reviewed and very soon you will hear an extremely simplified procedure coming for us," he said replying to the debate on the Finance Bill, 2015.

Referring to the criticism of new 14-page income tax return (ITR), he said the entire issue has been reviewed and the form will be based on feedback received from the industry and MPs.

"Recently, a controversy did come up. There is an old income tax form of 12 pages which was made thirteen-and-a-half page. I was out of the country when this was done, I had it stopped," he said.

The finance ministry is considering easy taxation form which an "assessee can do things himself and does not have to run to various advisers".

Many members cutting across party lines had criticised government for issuance of a new tax return form saying that the present form impinges on the individual's privacy as it seeks details of all bank accounts and foreign travel.

Earlier this month, the Central Board of Direct Taxes (CBDT), the apex policy making body of the Income Tax department, notified the new ITR forms for the current assessment year, seeking additional details to check the menace of black money.

As it stands, the new ITR forms, including the ITR-1 and ITR-2, require an assessee to furnish the number of bank accounts held by the individual "at any time (including opened/closed) during the previous year" with the last balance in the account on March 31 of the just-concluded fiscal.

The assessee will also have to furnish the name of the bank, account numbers, their address, IFSC code and any possible joint account holder.


Courtesy: HT