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Tuesday, May 26, 2015

स्पीकर के आदेश पर मार्शल ने BJP विधायक को बाहर निकाला

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बनाम एलजी की अनबन अब आर-पार की लड़ाई में तब्दील हो गई है। आज विधानसभा में बाकायदा केंद्र के नोटिफिकेशन के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया। विधानसभा में उस वक्त काफी हंगामा हुआ जब आप की विधायक अलका लांबा ने केंद्र पर एलजी को रिश्वत देने का आरोप लगाया। इसके बाद बीजेपी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

स्पीकर ने बीजेपी के विधायक ओमप्रकाश शर्मा को मार्शल के जरिए बाहर करने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शल ने स्पीकर के आदेश का पालन करते हुए बीजेपी विधायक को पकड़कर बाहर कर दिया।

दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही जब शुरू तो आम आदमी पार्टी की विधायक अल्का लंबा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एलजी को केंद्र सरकार ने रिश्वत दी है। अलका की बात सुनते ही बीजेपी ने हंगामा शुरू कर दिया। बीजेपी विधायकों ने कहा कि ये गलत आरोप लगा रहे हैं। इससे विधानसभा की मर्यादा भंग हो रही है।

स्पीकर ने कहा कि मैं दिल्ली का एक नागरिक हूं और विधायक भी हूं। इसलिए उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरीके से कॉन्स्टेबल को एसीबी ने गिरफ्तार किया और फिर एसीबी के खिलाफ ही दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। उसके खिलाफ मैं भी हूं। इस मुद्दे पर बीजेपी विधायक ओम प्रकाश शर्मा भड़क उठे और कहा कि आप स्पीकर हैं और विधायकों की तरह बात नहीं कीजिए। अगर विधायक की तरह बात करेंगे तो विधायकों के पास आकर बैठिए। इस पर फिर हंगामा हुआ और स्पीकर ने बीजेपी के विधायक ओम प्रकाश शर्मा को मार्शल के जरिए बाहर करने का आदेश दे दिया। सौजन्यः आईबीएन-7

केंद्र के नोटिफिकेशन के खिलाफ दिल्ली विधानसभा में सिसोदिया ने किया प्रस्ताव पेश

9:05:00 PM Posted by Unknown , , ,
नई दिल्ली: दिल्ली में सत्ता के बंटवारे पर केन्द्र और राज्य सरकार आमने-सामने हैं। दिल्ली विधानसभा में केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के खिलाफ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रस्ताव पेश किया है।

उन्होंने कहा कि इस नोटिफिकेशन में सर्विसेज को दिल्ली की सरकार के दायरे से बाहर किया गया है। गृहमंत्रालय का आदेश संविधान और कानून का उल्लंघन है। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है।

सदन में सिसोदिया के प्रस्ताव दिए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की राय ली और प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया।

दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से जारी किया गए नोटिफ़िकेशन में दिल्ली के उपराज्यपाल को सर्वेसर्वा बताया गया था। दिल्ली सरकार ने इसे असंवैधानिक और केंद्र की दादागीरी बताया था। इसी पर चर्चा के लिए विधानसभा का सत्र बुलाया गया है।

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी केंद्र सरकार की ओर से जारी दो नोटिफिकेशन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन नोटिफिकेशन्स के जरिये केंद्र ने यह बताने की कोशिश की थी कि दिल्ली सरकार के क्या अधिकार हैं और उप राज्यपाल के क्या?


इसके अलावा सोमवार को हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृहमंत्रालय के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस पर दिल्ली सरकार के एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई को सही ठहराया। अब इस मामले में केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र स्पेशल लीव पीटिशन दायर करेगा। केंद्र की दलील है कि गृह मंत्रालय इस मामले में कोई पार्टी नहीं है और कोर्ट की ओर से उनका पक्ष नहीं सुना गया है। सौजन्यः एनडीटीवी

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन का असर नहीं, दिल्ली सरकार ने किए 15 तबादले


नई दिल्ली: दिल्ली सरकार और एलजी के बीच अधिकारों की जंग के बीच आज अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल को हाईकोर्ट से जुड़े आदेश की
कॉपी सौंपी, बताया गया है कि जिसमें हाईकोर्ट ने केंद्र के नोटिफिकेशन को लेकर टिप्पणी की थी।

उधर, गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन का भी दिल्ली सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा और उसने सोमवार को नौ अफसरों समेत कुल 15 लोगों के तबादले कर दिए हैं।

ख़ास बात यह है कि आला अधिकारियों के तबादले के आदेश पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी सर्विसेस के तौर पर राजेंद्र कुमार के दस्तखत हैं, जबकि एलजी ने इस पद पर अनिन्दो मजूमदार को बहाल किया था, जिनको दिल्ली सरकार ने इस पद से हटा दिया था।

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन में यह कहा गया था कि 'सर्विसेज ' मामलों पर उपराज्यपाल ही सर्वेसर्वा हैं, लेकिन दिल्ली सरकार मानती है कि 'सर्विसेज' का मतलब होता है सर्विस कंडीशन और उसमें ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं आती इसलिए दिल्ली सरकार न तो अनिन्दो मजूमदार को प्रिंसिपल सेक्रेटरी सर्विसेज मानती है और न ही तबादले के मामले में एलजी का कोई रोल मानती हैं इसलिए पिछले दस दिन वाली स्थिति आज भी बनी हुई है। सौजन्यः एनडीटीवी